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Thursday, January 6, 2011

संतुष्टि भरे सेक्स के लिए जरूरी है सकारात्मक सोच

खुशनुमा और संतुष्टि भरे सेक्स के लिए सबसे महत्तवपूर्ण है सकारात्मक सोच। सेक्स के दौरान सकारात्मक सो को बनाए रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि सकारात्मक सोच के बिना खुशनुमा सेक्स अधूरा है। सकारात्मक सोच रखकर आप सेक्सुअल लाइफ का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
सेक्स लाइफ में बासीपन आने के कारण सेक्स लाइफ के प्रति अरूचि होने लगती है और इसका सबसे बडा कारण होता है नकारात्मक सोच। नकारात्मक सोच से जीवन बुझा-बुझा सा लगने लगता है।
साथ ही इससे सेक्सुअल लाइफ भी प्रभावित होती है। इसलिए सकारात्मक सोच रखना जरूरी है इससे दिमाग तनाव रहित रहता है और सेक्स का भी भरपूरन आनंद लिया जा सकता है। चिकित्सकों के अनुसार जब तक स्त्री और पुरूष के बीच शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से सामंजस्य नहीं होता तब तक उन्हें संभोग में आनंद की प्राçप्त नहीं हो सकती। जब मन सकारात्मक सोच से गुजर रहा होता है जब एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन स्त्रावित होते है। ये हार्मोस सेक्स की इच्छा को बढाते हैं। पुरूष के शरीर में टेस्टोस्टेरोन होर्मोन सेक्स को सुखद बनाता है। इसलिए सेक्स के दौरान चरम सुख की प्राप्ति के लिए सकारात्मक सोच का होना बहुत जरूरी है।
क्या करें?
1. अंतरंग पलों को हमेशा हंसी-मजाक में लें। गंभीरता से अंतरंग पलों को खुशनुमा नहीं बनाया जा सकता।
2. सैक्स के दौरान पार्टनर के मूड का ध्यान रखें। अगर पार्टनर का मूड खराब या उखडा हुआ हो तो अपने प्यार और स्पर्श से उसके मूड को ठीक करने की कोशिश करें।
3. सेक्स के दौरान पार्टनर की पसंद और नापसंद का पूरा ध्यान रखें।
4. सेक्स को लेकर यदि आपके या आपके पार्टनर के मन में कोई शंका हो तो उसे तुरंत दूर करें।
5. सेक्स लाइफ का भरपूर आनंद लेने के लिए आपका शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी है। इसलिए व्यायाम को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

6. सेक्स में ज्यादा गैप न रखें।
7. सेक्स के दौरान आपके पार्टनर के साथ फोरप्ले में समय बिताएं। इससे सेक्स लाइफ हैल्दी रहती है।
8. सेक्स के दौरान कम बोलें। सेक्स क्रिया के समय अपने पार्टनर के प्रति एकाग्र रहें।
9. सेक्स के दौरान अपने पार्टनर की तारीफ करें। क्योकी स्त्री तारीफ की इच्छुक होती हैं।
10. एक दूसरे को भावनात्मक और शारीरिक रूप से समझने की कोशिश करें।
जीवन में जिस तरह से सकारात्मक सोच हर कदम पर मायने रखती है। उसी तरह से हैल्दी सेक्सुअल लाइफ के लिए सकारात्मक सोच होना बहुत जरूरी है।

Thursday, September 17, 2009

सेक्स बढाए खूबसूरती

सेक्स की सुखद अनुभूती प्रकृति की एक अनुपम देन है। सेक्स में चरमसुख की प्राप्ति जहां तनमन को संतुष्टि देती है, वहीं मन प्रफल्लित रहने से सौंदर्य में भी निखार आता है। विवाह के बाद आमतौर पर महिलाओ का रूप एकदम से खिल जाता है। आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है।

सेक्स की सुखद अनुभूती प्रकृति की एक अनुपम देन है। सेक्स में चरमसुख की प्राप्ति जहां तनमन को संतुष्टि देती है, वहीं मन प्रफुल्लित रहने से सौंदर्य में भी निखार आता है। विवाह के बाद आमतौर पर महिलाओ का रूप एकदम से खिल जाता है। आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है। संतुष्टिदायक सेक्स न केवल शारीरिक सुख से जुडा है, बल्कि इसका भावनात्मक पहलू भी अत्यंत महत्तवपूर्ण हैं। जब पुरूष एंव महिला का आपसी शारीरिक संसर्ग होता है,तो महिला में हारमोन का उत्पादन बढ जाता हैं। हारमोन की अघिकता महिलाओं को सेक्स में आक्रामक बनाती है,साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी भर देती है।
तनाव से प्रभाव-
सेक्स संबंघो में तन के साथ-साथ मन का समर्पण भी जरूरी है। यदि पत्नी के दिल को पति की किसी बात से चोट पहुंची है, तो सेक्स के लिए उसका तनमन न तो पति को सहयोग दे पाएगा, न ही वह सहवास के दौरान उत्तेजना महसूस कर पाएगी। यही बात पत्नी पर भी लागू होती है। यदि पति किसी बात से तनावग्रस्त है तो इस से पति की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पडेगा।
चरम आनंद -
इस्ट्रोजन और टेस्टास्टेरान हारमोन दोनों महिला के अंग में चिकनाहट उत्पन्न करते हैं और सेक्स को चरम आनंद की ओर ले जाते हैं। यह चरम आनंद ही महिला को संतुष्ट एंव खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। यदि महिला के शरीर में इन हारमोन की कमी को जाती है, तो महिला के अंग मे रूखापन आ जाता है। इसके कारण उसे चरम आनंद की प्राप्ति नहीं हो पाती। स्वस्थ सेक्स का संबंघ मानसिक रूप से अघिक जुडा होता हैं। अगर आप सेक्स के दौरान मानसिक रूप से संतुष्ट हैं तो निश्चित रूप से आप के चेहरे पर रौनक एंव आत्मविश्वास झलकेगा।
मन खुश तो तन खुश -
यदि सेक्स से पूर्व आप तन और मन दोनो से पूर्णत: समर्पित हैं तो आप को चरमसुख की प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। एक संतुष्ट सेक्स दोनो पार्टनर के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक संतुष्ट सेक्स ताजगी भरा एहसास, आत्मिक संतुष्टि एंव ऊर्जा प्रदान करता है, जो आपके सौंदर्य को कई गुना बढा देता है। सेक्स से पूर्व फोरप्ले एवं कल्पनाशीलता सेक्स को और भी उत्तेजक बनाता है। सेक्स में स्पर्श तथा नएनए आसन पति-पत्नी में प्यार व निकटता को बढाते हैं। एक संतुष्ट सेक्स संबंघो को मघुर बनाता है और तन एवं मन को खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है।
मिठास फोरप्ले की -
सेक्स को सफल बनाने के लिए संसर्ग के दौरान अपने साथी के मुँह, होंठो गर्दन इत्यादि शारीरिक अंगो की तारीफ करनी चाहिए। यदि मन के भाव एंव नैनो की भाषा पढ कर पति संसर्ग करे तो महिला की नजर में यह पुरूष की मर्दानगी को बढाता हैं। महिलाओको सेक्स में आराम, सुकून एवं फोरप्ले द्वारा दी गई घीमी प्रक्रियाएं बहुत उत्तेजित करती हैं। इससे दोनो मिलकर सेक्स के चरमसुख को प्राप्त कर स्फूर्ति एवं खूबसूरती हासिल कर सकते हैं।
सेक्स प्रकिया एक कुदरती आनंद -
सेक्स एक ऎसी प्रकिया है, जो शारीरिक एवं मानसिक अभिव्यक्ति व्यक्त करने का कुदरती माघ्यम है। जिस व्यक्ति का मन-मस्तिष्क जितना स्वस्थ होगा, उसकी सेक्स अभिव्यक्ति भी उतनी ही आनंदमय होगी। तनाव व चिंता से मुक्त सेक्स से रोम-रोम पुलकित हो उठता है और तन-मन में नई स्फूर्ति एवं खूबसूरती का एहसास होता है।