बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा ने आज के दौर के सितारों की जमकर तारीख की है। उनको लगता है कि ये सितारे उनसे कहीं आगे निकल गए हैं। इन्हें भी अपने दौर में वह सब करना चाहिए था, जो आज के ये सितारे कर रहे हैं।
बकौल रेखा, हमने जो भी किया इसे लेकर कोई सफाई नहीं दी जा सकती। हम कोई 10 अच्छी फिल्मों में काम करके ही खुश हो गए। हमें करीना कपूर और उसके खुद के निर्णय लेने की क्षमता पर नाज है।
इसी तरह विद्या का भी काम करने का अंदाज बेहतर है। वे बिना किसी गॉड फादर और फिल्मी बैकग्राउंड के इस इंडस्ट्री में आई और पहली ही फिल्म से छा गई। कपूर खानदान की परंपरा को रणबीर कपूर अच्छी तरह से निभा रहे हैं। इन आर्टिस्ट्स से सीखने के लिए काफी कुछ है। रेखा को आज की पीढी पर पूरा भरोसा है। उन्हें लगता है कि इस पीढी का टैलेंट नेचुरल है।
Tuesday, April 20, 2010
आज की पीढी लाजवाब: रेखा
Thursday, January 21, 2010
रेखा को किया अनदेखा
एक ऎसे रिश्ते की जो कभी पूरा ही नहीं हो पाया। लेकिन उस रिश्ते के किरदार जब भी एक-दूसरें के सामने आए। दुनिया ने जानना चाहा कि किसने किसको देखा। किसने किससे क्या कहा जी हां. हम बात कर है रेखा और अमिताभ की। जो एक छत के नीचे आमने-सामने तो हुए लेकिन अमिताभ ने रेखा को नही देखा। लेकिन अभिषेक ने दूरियों की उस रेखा को मिटाने की कोशिश जरूर की।
दरअसल साल 2009 में जैसे ही रेखा अमिताभ के करीब पहुंची वो उठ के चले गए। वहीं इस साल साटर डस्ट अवाड्र्स में अमिताभ जब रेखा के सामने से गुजर तो रेखा की नजर टकटकी लगाएं अमिताभ को ही देखती रही। लेकिन अमिताभ ने उनकों इगनोर किया। लेकिन अभिषेक रूके और उन्होने रेखा को नमस्ते बोला।
Saturday, October 10, 2009
55 साल की हुई उमराव जान
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रेखा का आकर्षक व्यक्तित्व आज भी लोगों को लुभाता है। महज 12 साल की उम्र से अभिनय कर रहीं सदाबहार अभिनेत्री रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को हुआ था। उनके पिता जेमिनी गणेशन एक प्रसिद्ध तमिल अभिनेता थे और उनकी मां पुष्पावली तेलुगू अभिनेत्री थीं।
55 साल की हो चुकी रेखा को फिल्म जगत की नामचीन हस्तियां और उनके प्रशंसक ऎसी सम्पूर्ण अभिनेत्री कहते है, जिसमें अभिनय कला के सभी गुण मौजूद है। हिंदी सिनेमा में 42 साल पूरे कर चुकीं रेखा आज भी अपनी खूबसूरत और आकर्षक आंखों की बदौलत दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाती हैं। रेखा अपनी युवावस्था में काफी मोटी थीं लेकिन बाद में वह खूबसूरत और छरहरी काया वाली अभिनेत्री में बदल गई थीं। नई अभिनेत्रियां आज भी उनसे प्रेरणा लेती है।
फिल्म अभिनेत्री राखी कहती है कि उनकी नाक और आंखे बहुत खूबसूरत है और सबसे अच्छी बात यह है कि वह हमेशा अपना मेकअप खुद करती है। मैं उन्हें प्यार करती हूं और उनकी प्रशंसा करती हूं। फिल्मकार मुजफ्फर अली ने कहा कि वह अपनी दुनिया में रहती है। वह कई ऎसी चीजों की कल्पना कर लेती है जो एक अभिनेत्री के नाते उनके मानस को जंचती है। वह हमेशा कुछ सीखने के लिए तत्पर रहती है। वह बहुत ईमानदार, सुशील और बेहद संवेदनशील है। वह हमेशा कुछ सीखने के लिए तत्पर रहती है। उनके साथ काम करने का बहुत अद्धुत अनुभव रहा है। वह संपूर्ण अभिनेत्री हैं।
दक्षिण के अभिनेता जेमिनी गणेशन की बेटी रेखा ने अपनी पहली ही फिल्म "सावन भादो" (1970) में सफलता हासिल कर ली थीं। मुजफ्फर अली की फिल्म "उमराव जान" (1981) के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
प्रसिद्ध फिल्म इतिहासकार गौतम कौल का कहना है कि रेखा स्वीडन की अभिनेत्री ग्रीटा गार्बो जैसी है। ये दोनों ही अभिनेत्रियां समान पृष्ठभूमि से आई थीं और दोनों ही फिल्म जगत की ऊंचाईयों को छूआ। उन्होंने 150 से अधिक फिल्मों में काम किया है। "दो अनजाने (1976), घर (1978), मुक्कदर का सिकंदर(1978), खूबसूरत (1980), सिलसिला (1981), उत्सव (1984), खून भरी मांग (1988), इजाजत (1988), कामसूत्र (1996), जुबैदा (2001)" जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के विविध रूप देखने को मिले। अंतिम बार वह बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान अभिनीत फिल्म "ओम शांति ओम" (2007) में नजर आई थीं।