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Tuesday, July 5, 2011

अमिताभ बच्चन : दूसरा कोई नहीं . . .

इस शुक्रवार को अमिताभ बच्चन की बुड्ढा होगा तेरा बाप देखने का मौका मिला। फिल्म देखने के बाद दिमाग में सिर्फ और सिर्फ अमिताभ बच्चन ही छाये रहते हैं। उनके चलने का अंदाज, उनके संवाद बोलने की अदा और 68 वसंत देख चुके इस बुड्ढे की ऊर्जा को देखकर स्वयं में अनोखी स्फूर्ति का स्पंदन महसूस किया।
अपने मित्र स्वर्गीय राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में अपना भाग्य आजमाने निकले इस अभिनेता के लिए राजनीति निराशाजनक रही। उन पर बोफोर्स तोप सौदे में दलाली का आरोप लगा। इस आरोप से उबरने में अमिताभ को लम्बा वक्त लगा, जिसने उनके फिल्मी करियर को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।

संस्कारों में मिले अंतिम क्षण तक लडने की क्षमता की वजह से यह अदाकार बीसवीं सदी के अंतिम वर्षो में नए सिरे से निर्माता-निर्देशकों के यहां स्वयं के लिए काम मांगने लगा। उन दिनों उभर चुके सितारों की वजह से अमिताभ को अनदेखा किया जाने लगा लेकिन एक शख्स ने उन्हें फिर से गले लगाया। यह वह शख्स था जिसने अमिताभ के साथ अपने समय की किवदंती बन चुकी फिल्मों- दीवार, कभी-कभी, सिलसिला, काला पत्थर इत्यादि का निर्देशन किया था- यह थे बॉलीवुड के प्रेम गुरू यश चोपडा जिन्होंने उन्हें अपने बेटे द्वारा निर्देशित होने वाली दूसरी फिल्म मोहब्बते में उस समय के सुपर सितारे शाहरूख खान के सामने एक दमदार रोल में पेश किया।

मोहब्बते के किरदार के बाद बॉलीवुड का ध्यान फिर से अमिताभ बच्चन की तरफ गया और निर्देशकों को लगा कि उन्होंने अमिताभ को ठुकरा कर अच्छा नहीं किया। कर्ज के बोझ तले दबे अमिताभ बच्चन ने घर को संभालने और कर्ज को उतारने के लिए अपने परिजनों के विरोध के बावजूद छोटे परदे पर उतरने का निर्णय किया। इस बात को लेकर उनके परिजनों में कुछ मनमुटाव भी हुआ। एक बार तो उन्होंने भी सोचा कि इससे मेरा करियर बिलकुल खत्म हो जाएगा लेकिन अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की अगि्नपथ की कविता को याद करते हुए उन्होंने टीवी के लिए पहला कार्यक्रम पेश किया कौन बनेगा करोडपति।
टीवी चैनल ने इस गेम शो को कुछ इस तरह से प्रचारित किया जिसने अमिताभ को घर-घर में वो शोहरत दिलायी जितनी उन्होंने अपने करियर में भी प्राप्त नहीं की थी। केबीसी की सफलता ने अमिताभ में आत्मविश्वास फूंका जिससे उन्होंने बडे परदे पर सफलतापूर्वक अपनी दूसरी पारी को परवान चढाया।
करोडपति के बाद अमिताभ ने फिल्मों में फिर से कामयाबी पायी। उनकी इस सफलता को देखकर उन्हें सम्पूर्ण विश्व में सदी का महानायक चुना गया। इस दौरान उन्होंने एक रिश्ता-द बाण्ड ऑफ लव, आंखें, वक्त, खाकी, फैमिली, कांटे, शूट आउट एट लोहखण्डवाला, वीरजारा, पहेली के साथ कई ऎसी फिल्में दी जिन्होंने उन्हें न सिर्फ आर्थिक तौर पर मजबूत किया बल्कि बॉलीवुड के कुछ पुराने सितारों को भी वापसी के लिए बाध्य किया। इनमें प्रमुख थे धर्मेन्द्र और राजेश खन्ना।
राजेश खन्ना ने ऋषि कपूर की आ अब लौट चलें से वापसी की थी लेकिन फिल्मी लेखक इस गुजरे सुपर स्टार के लिए किरदारों को लिखने में कामयाब न हो पाए। केबीसी को अमिताभ ने जिस अंदाज में पेश किया और कर रहे हैं वह अपने आप में बॉलीवुड के उन सितारों के लिए एक मिसाल है जो अन्य कार्यक्रमों के प्रस्तोता हैं। अमिताभ ने गरिमामय अंदाज में केबीसी को प्रस्तुत किया है। वे अपने प्रतिभागियों के साथ जिस आत्मीयता और बुर्जुग की तरह व्यवहार करते हैं वह प्रतिभागी को न सिर्फ प्रोत्साहित करता है वरन् उसमें एक नई ऊर्जा भर देता है।
केबीसी के दूसरे संस्करण को मीडिया द्वारा अमिताभ के घोर प्रतिद्वंद्वी करार दिए गए शाहरूख ने पेश किया था लेकिन वे इसके पहले भाग का दस प्रतिशत भी दर्शकों को अपने साथ नहीं जोड पाए, इसी वजह से इस कार्यक्रम की सीमित कडियां पेश की गई। अमिताभ ने 2000 से हुई अपनी वापसी के बाद हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। चाहे वह विज्ञापन जगत हो, टीवी हो या फिर फिल्म निर्माण हो, उन्होंने बेहतरीन काम किया है। अमिताभ के कायल निर्देशक उम्र को दरकिनार करते हुए उनके लिए विशेष किरदार लिखते हैं और बतौर नायक उन्हें अपनी फिल्म में लेकर सफलता का नया इतिहास लिखते हैं।

जिक्र करना चाहेंगे निर्देशक आर.बालाकृष्णन अर्थात् आर. बाल्की का जिन्होंने उन्हें नायक लेकर तब्बू के साथ चीनी कम और विद्या बालन व अभिषेक के साथ पा जैसी उत्कृष्ट फिल्मों में पेश किया।
चीनी कम का कथानक भारतीय समाज में प्रचलित शादी ब्याह में उम्र को लेकर रचा गया करारा व्यंग्य था। यह फिल्म इस मिथक को तोडने का एक सराहनीय प्रयास था। इसके बाद आर.बाल्की ने उन्हें पा के उस किरदार में लिया जिसे करने के लिए शायद ही कोई अभिनेता तैयार होता। अमिताभ ने न सिर्फ ये किरदार निभाया बल्कि इस फिल्म का निर्माण भी उन्होंने स्वयं ही किया। इस फिल्म के लिए उन्हें पुरस्कारों से लाद दिया गया था।

कभी अगि्नपथ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले इस अभिनेता ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने वाली समिति की विचारधारा में बदलाव लाने का प्रयास किया। इसी का नतीजा है कि आज सलमान खान की दबंग को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जा रहा है।
बुड्ढा होगा तेरा बाप को देखकर निश्चित रूप से कहना चाहेंगे कि बॉलीवुड में चल रही परिवर्तन की लहर को इस फिल्म के बाद बढावा मिलेगा। इस वक्त जो नए लेखक निर्देशक सीमित दर्शकों को ध्यान में रखकर फिल्में बना रहे हैं उन्हें अपनी सोच को बदलते हुए आम जनता के हिसाब से फिल्मों को बनाने का निर्णय करना पडेगा। इसमें आमिर खान को शामिल होना पडेगा जो कहते हैं कि मेरी फिल्में बिलकुल अलग दर्शक वर्ग के लिए होती हैं।

यह सही है कि ऎसा है लेकिन आम आदमी की जिन्दगी में बढते तनाव और आर्थिक दबाव के दौर में इस प्रकार की फिल्में वक्ती तौर पर तो सफलता प्राप्त कर सकती हैं लेकिन उस दर्शक वर्ग को अपने साथ नहीं जोड सकती है जो अपने तनाव और दबाव भरी जिन्दगी में कुछ पलों के लिए मुक्त होना चाहता है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि 68 वष्ाीüय इस युवा की ऊर्जा को देखकर कई शख्स स्वयं में नई स्फूर्ति को महसूस करें और खामोश पडी जिन्दगी को उत्साह के साथ जीने की शुरूआत करें।
फिलहाल इतना ही काफी है। आगे आपके विचारों के बाद हम विस्तृत रूप से अमिताभ बच्वन के ऊपर चर्चा करेंगे।

Thursday, January 21, 2010

रेखा को किया अनदेखा

एक ऎसे रिश्ते की जो कभी पूरा ही नहीं हो पाया। लेकिन उस रिश्ते के किरदार जब भी एक-दूसरें के सामने आए। दुनिया ने जानना चाहा कि किसने किसको देखा। किसने किससे क्या कहा जी हां. हम बात कर है रेखा और अमिताभ की। जो एक छत के नीचे आमने-सामने तो हुए लेकिन अमिताभ ने रेखा को नही देखा। लेकिन अभिषेक ने दूरियों की उस रेखा को मिटाने की कोशिश जरूर की।
दरअसल साल 2009 में जैसे ही रेखा अमिताभ के करीब पहुंची वो उठ के चले गए। वहीं इस साल साटर डस्ट अवाड्र्स में अमिताभ जब रेखा के सामने से गुजर तो रेखा की नजर टकटकी लगाएं अमिताभ को ही देखती रही। लेकिन अमिताभ ने उनकों इगनोर किया। लेकिन अभिषेक रूके और उन्होने रेखा को नमस्ते बोला।

Thursday, December 31, 2009

बिग बी ने किंग खान को पछाडा

फिल्म इंडस्ट्री में इस बात को लेकर जर्बदस्त चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चान ने बिग बॉस-3 के लिए प्रति एपिसोड 2.5 करोड लिये है।
गौरतलब है कि शुरूआत में यह रकम 1.5 करोड के आसपास तय बताई जा रही थीं। अक्षय कुमार को खतरों के खिलाडी के लिए और शाहरूख खान को उनके शो क्या आप पांचवीं पास से तेज है के लिए क्रमश: 1 करोड रूपये प्रति एपिसोड मिलें थे। वहीं दस का दम के लिए बॉलीवुड सितारे सलमान खान को पहले भाग के दौरान 80,00,000 रूपये और दूसरे सत्र के दौरान 1 करोड की राशि दी गई हैं।
अब इस पूरे गणित को देखें तो यह अपने आप साबित हो जाता है कि आज की तारीख में बॉलीवुड का असली बादशाह कौन है। निश्चित तौर पर इस मामले में तो अमिताभ बच्चन ने न केवल शाहरूख खान बल्कि अक्षय कुमार को भी मात दे दी है। जरा कल्पना करके देखिए तो सही आखिर अमिताभ बच्चान ने बिग बॉस-3 के दौरान आखिर कितनी कमाई की।

Sunday, June 28, 2009

टॉप स्टार्स की फिल्मों को भी मनचाही प्राइस नही मिल पा रही

बॉलीवुड के टॉप स्टार्स की मेगा बजट फिल्मों को भी मनचाही प्राइस नही मिल पा रही है।

सलमान खान की "लंदन ड्रीम्स", अक्षय कुमार की "ब्लू" और आमिर खान की "थ्री इडियट्स" जैसी फिल्मों को ओवर बजट मानते हुए डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां मोटी कीमत देने से कतरा रही है।
कुछ बरस पहले तक इन स्टार्स की फिल्में शूटिंग फ्लोर पर पहुंचने से पहले मनचाही प्राइस पर बिकती थी। फिल्म मार्किटिंग के बिजनेस से जुडे दिलीप अग्रवाल के अनुसार इन मेगा बजट फिल्मों के निर्माताओं ने अपनी फिल्म की प्राइस 110 से 125 करोड रूपये के बीच लगाई है।
लेकिन कोई बडी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी इन फिल्मों को इस प्राइस में खरीदने के लिए तैयार ही नही है। पिछले साल आमिर खान की फिल्म "गजनी" को लगभग 90 करोड रूपये में खरीदने वाली कंपनी थ्री इंडियट्स के लिए 100 करोड रूपये से ज्यादा का दांव लगाने को राजी नही। निर्माता एंथोनी डिसूजा की फिल्म "ब्लू" में अक्षय कुमार लीड रोल में है, लेकिन कोई डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी इस फिल्म के राइट्स हासिल करने के लिए 125 करोड रूपये देने को तैयार नही। सबसे बुरा हाल तो सलमान खान, अजय देवगन, आसिन स्टारर "लंदन ड्रीम्स" का है, जो विपुल शाह की फिल्म है।
विपुल "लंदन ड्रीम्स" के वल्र्ड राइट्स के लिए 110 करोड रूपये चाहते है। लेकिन लगातार कई फ्लॉप दे चुके सलमान की इस फिल्म के लिए कोई कंपनी इतना बडा दांव लगाने को तैयार नही। इन दिनों डिस्ट्रिब्यूटर छोटे बजट की फिल्मों पर ज्यादा घ्यान दे रहे है।

Thursday, June 25, 2009

बिग बी के साथ नजर आएंगी कंगना राणावत

राम गोपाल वर्मा की फिल्म "निशब्द" के बाद एक बार फिर बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन अपनी आघी से कम उम्र की अभिनेत्री कंगना राणावत के साथ नजर आने वाले है। कंगना राणावत और बिग बी प्रितीश नंदी की फिल्म "एक्टर" में साथ दिखने वाले है। सूत्रों के अनुसार ये एक थ्रिलर फिल्म है। खास बात ये है, कि इस फिल्म में कंगना एक पत्रकार की भूमिका में नजर आने वाली है। बिग बी के लिए कम उम्र की लडकी के साथ काम करना कोई नई बात नही है, लेकिन कंगना के लिए अमिताभ के साथ काम करना किसी सपने के साकार होने से कम नही है। ये पहली बार होगा कि कंगना और बिग बी एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। बॉलीवुड की कई स्थापित अभिनेत्रियों की तरह कंगना की झोली में अवॉडर्स ने गिर हो, लेकिन बिग बी के साथ काम करने का मौका उन्हें जरूर मिल गया।