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Friday, March 2, 2012

यहां और ऎसे करे सेक्स, बन जाएगा यादगार

अक्सर लोग कुछ समय के पpात सेक्स से बोर होने लगते हैं। इसके बहुत से कारण हो सकते हैं। इनमें से एक प्रमुख कारण है रूटीन सेक्स से बोर हो जाना। अगर आप भी रूटीन सेक्स से बोर हो गए हैं और सेक्स लाइफ को ज्यादा रोचक बनाना चाहते हैं, तो आप आजमा सकते हैं कुछ अलग तरीके। ये तरीके वाइल्ड तो हैं पर इनका अहसास बिल्कुल अलग है और काफी मजेदार भी। आइए हम आपको आपकी सेक्स लाइफ को रोचक बनाने के बारे में बताते हैं।

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शॉपिंग स्टोर के ट्रायल रूम में सेक्स करके आप अपनी सेक्स लाइफ की किताब में एक नया अध्याय जोड सकते हैं। यह अटपटा जरूर लग रहा है पर यहां सेक्स का अलग मजा है। ड्रेस ट्रायल करते-करते सेक्स का अहसास रूटीन सेक्स से काफी हटकर है।

a rememberable romace remove partner cloth

अपने साथी के कप़डों को धीरे-धीरे खोलना और उसके बाद उसके साथ सेक्स करने का अहसास तो प्यारा लगता है, पर अपने लवर के साथ पूरे कप़डों में सेक्स आपको ज्यादा मजा देगा।

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कल्पना कीजिए कि आप एक हजार फीट की ऊंचाई पर एयर बैलून के अंदर हैं और यहां पर आपको सेक्स का मौका मिले, तो इसका अहसास होगा न बिल्कुल जुदा-जुदा। यह सेक्स का काफी अडवेंचरस तरीका है।

Friday, July 15, 2011

खतरनाक है इमोशनल अफेयर

आज की जीवनशैली मे व्यापक परिवर्तन आ चुका है, सोच एवं आचरण मे पहले की तरह सादगी नही रह गयी है। हर कोई रेस लगा रहा है,काम के घंटे इतने बढ गये है कि पति-पत्नी घर पर कम ऑफिस मे ज्यादा वक्त गुजारने लगे हैं। समय की कमी और पार्ट्नर की अनुपस्थिति की वजह से जब सहकर्मियों से अपने दिल की बाते शेयर होने लगती है तब जाने अंजाने भावनात्मक संबंध पनपने के रास्ते खुल जाते है। सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों लोग अपनी शादी को दांव पर लगा कर भावनात्मक रूप से कसी और के साथ जु़ड जाते हैं।
उन्हे अपना भावनात्मक सुख बाहर तलाशने की जरूरत क्यों पड जाती है? इमोशनल अफेयर इसलिए पनप उठते है, क्योकि दंपत्ति अपने वैवाहिक जीवन मे कुछ कमी महसूस करते है, स्त्री समझती है कि पति उस की बात नहीं सुनता और पुरूष समझता है कि पत्नी उस की परेशानियों को नही समझ पाती और बेवजह ताने देती है। इस कारण वे भावनात्मक असुरक्षा महसूस करने लगते हैं और अपने पार्ट्नर से अपेक्षा करते हैं कि वह उनके दिल की बात सुने और भावनात्मक सहारा दे,जब ऎसा नही हो पाता तो वे अपनी मानसिक संतुष्टि की तलाश अपनी वैवहिक परिधि के बाहर करने लगते है और किसी न किसी से भावनात्मक संबंध बना लेते हैं।
ऎसी स्थति मे जब आप किसी के साथ 8-10 घंटे काम करते है और समतुल्य लक्ष्य एवं तनाव का सामना करते है तो आप यह महसूस करने लगते है की वह व्यक्ति आपको आपके पार्ट्नर से बेहतर समझता है। लेकिन ऎसा जरूरी नही होता है। अक्सर होता यह है की आप अपने साथी से संवाद के सारे रास्ते बंद कर लेते हैं और यह अपेक्षा करते है कि वह बिना बोले आप की बात समझे जो की संभव नही होता है। असल मे जो लोग इमोशनल अफेयर करते है ,वे असुरक्षा के एहसास मे जीते है। उन्हें प्यार की नही ,बल्कि ऎसे साथी की तलाश होती है जिस की नजर में वे पर्फेक्ट हो और जो उनकी कमियां उन्हें ना दिखाए, वैवाहिक जीवन मे अपेक्षा भी होती है, नोंक-झोंक भी होती है और एक दूसरे को आईना दिखाने की भरपूर गुंजाइश भी होती है।
इसके ठीक विपरीत अपने प्रेमी/ प्रेमिका से उन्हे वही प्रतिक्रिया मिलती है जो वो सुनना चाहते है, जाहिर सी बात है की यथार्थ के रेगिस्तान मे प्रशंसा और सहानुभूति की मर्गमरीचिका ही भली लगती है, चाहे वह सच न हो। नतीजन वे जीवन साथी की अपेक्षा प्रेमी/ प्रेमिका को ज्यादा अहमियत देने लगते हैं और दोस्ती से हुई शुरूआत कब अफेयर मे बदल जाती है और साधारण बातें करते करते दो लोग कब एक दूसरे के राजदार बन जाते हैं यह उन्हे खुद ही पता नही चल पाता है। यहाँ सबसे अधिक ध्यान देने की बात यह है कि जरूरत शारीरिक नहीं भावनात्मक है। कई लोग यह मानने को तैयार ही नही होते हैं कि किसी और के साथ भावनात्मक जुडाव मे कोई हानि है, उनका कहना है की धोखा तो तब होता है जब शारीरिक संबंध स्थापित किए जाएं,लेकिन सच तो यह है की धोखा आखिर धोखा है। शादी एक ऎसा रिश्ता है जो तन और मन दोनों का समर्पण मांगता है।
यह कैसे संभव है कि आप अपनी भावनात्मक जरूरत किसी और से पूरी करे और शरीर से किसी और के रहेक? किसी भी विवाह में ऊष्मा तब तक ही बरकरार रह सकती है जब तक पति-पत्नी एक दूसरे का भावनात्मक सहारा हैं। ज्यादातर इमोशनल अफेयर मासूम, साधारण सी दिखने वाली दोस्ती से शुरू होते हंै। समस्या तब आती है जब दोस्ती अंतरंगता का रूप ले लेती है, अफेयर करने वाले स्त्री-पुरूष बजाय अपने जीवन साथी के, एक-दूसरे से बाते शेयर करने लगते हैं और साथ ही वे यह कोशिश भी करते हंै कि जीवन का यह पहलू साथी से छिपा रहे। अगर यह महज एक दोस्ती है तो इसे छुपाने की क्या आवश्यकता हैक् इमोशनल अफेयर का होना शादी के लिए खतरे की घंटी बजने जैसा है। इसका अर्थ है की पति-पत्नी अपनी शादीशुदा जिंदगी मे कुछ कमी महसूस कर रहे हंै, जिसकी पूर्ति के लिए विवाहेत्तर संबंध बन रहे हैं। दंपत्ति यदि वक्त रहते सावधान हो जाएं और अपने साथी से ही अपनी भावनात्मक आवश्यकताएं पूरी करे तो इमोशनल अफेयर की कोई गुंजाईश ही ना हो।
ऎसे दंपत्तियो को समझना चाहिए की विवाह की संस्था को कमजोर नही होती है, याद रखिए कोई भी अफेयर आपको क्षणिक उत्तेजना दे सकता है, लेकिन आप के जीवन को स्थायित्व आपका साथी ही दे सकता है। कुछ बातों का ध्यान रखें तो गुमराह होने की नोबत कभी नही आएगी और आपका वैवाहिक बंधन अटूट ही रहेगा। अत: यह बहुत जरूरी है की आप रोज अपने साथी से बात करने के लिए वक्त निकाले, बात करने से अर्थ है कि उससे अपनी भावनाएं व्यक्त करे,सब कुछ शेयर करे ,काम का तनाव,अपनी इच्छाएं, अपने सपने, अपने डर, सब कुछ। प्रतिक्रिया की चिंता मत कीजिए, यकीन मानिए आप का साथी आपकी सोच को सही दिशा देगा। आप की खामियों के साथ-साथ आप को खूबियों से भी अवगत कराएगा। यह ध्यान रखिए की कपल्स के बीच पसरा मौन ही उन्हे किसी दूसरे के साथ भावनात्मक रूप से जुडने को उकसाता है ,अगर ऎसा आप के साथ भी हो रहा है तो साथी से सभी प्रकार की बातों को शेयर करें, संबंधो के प्रति ईमानदार रहे और देखें की कैसे आप एक दूसरे के दामन से बंधे रहते हंै।

Tuesday, October 5, 2010

बेवफाई के बाद कैसे सुधारे पुराने रिश्ते

how to heal from infidelity


बेवफाई निश्चित रूप से प्यार करने वालो के लिए चुनौतीपूर्ण मसला है। यह एक ऎसा तूफान है जिसकी हल्की सी आहट भी प्यार के मजबूत स्तंम्भो पर खडी रिश्तो की इमारत को एक पल में गिरा सकती है। विश्वास की नीव पर रखे इस प्यार के रिश्ते में अपने साथी द्वारा दिए गए धोखे के दर्द की गहराई अनुभव करना बहुत कष्टदाई होता है। यह एक ऎसा जहर है जो रिश्तो की मिठास मे घुलकर उसे क़डवा बना देता है और इस रिश्ते में बंधे दोनो व्यक्तियों के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है। कभी-कभी इस जहर का असर इतना अधिक होता है कि यह धोखा दिए जाने वाले व्यक्ति के लिए जानलेवा भी हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार प्रेम संबंधो और रिश्तो की मजबूती पर किए गए सर्वे के आंक़डो मे "धोखे" और "बेवफाई" की दर दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस टूटे हुए रिश्ते को दुबारा सुधारने की कोशिश करना किसी ऊंची शिखर वाली पह़ाड की चोटी पर पहुंचने जितना मुश्किल और कठिन है।हॉंलाकि जो सबकुछ भूलकर पुन: अपने रिश्तो को बनाना चाहते है उनके लिए यह लेख जरूर एक आशा कि किरण साबित हो सकता है। यह एक कठिन कार्य है और इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। इस लेख के द्वारा दिया गया मार्गदर्शन उन दंपतियो के लिए मददगार साबित हो सकता है जो इस दुर्गम रास्ते पर चलकर अपने रिश्तो को दुबारा कायम करना चाहते है। आइये इस प्रकिया के लिए कुछ निमनलिखित बातो पर विचार करते है।
1. सर्वप्रथम अपने आपको अपने दूसरे रिश्ते से मुक्त करे क्योंकि किसी तीसरे के रहते आप कभी अपने पुराने रिश्ते को सच्चाई के साथ पुन: कायम नही कर सकते है।
2. मॉंफी मांगने से बेहतर कुछ नही है, जिस साथी ने बेवफाई की है उसे पूरी ईमानदारी के साथ अपनी गलती महसूस करते हुए जितना ज्यादा हो सके अपने साथी से मॉंफी मांगनी चाहिए। उसे अपने टूटते रिश्तो को जो़डने तथा अपने साथी को खुद के द्वारा दिए गए घावो से उभारने की भरपूर कोशिश करनी चाहिए।
3. अपने साथी को इस दर्द की पी़डा से राहत दिलाने के लिए प्यार भरे शब्दो के मरहम का प्रयोग करना चाहिए। ऎसा अक्सर देखा गया है कि दंपती आपस मे खुलकर बात नही कर पाते है और कई अनकही बाते मन मे ही रह जाती है। इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप आपस मे बात करे, अपने प्यार का इजहार करे और ज्यादा से ज्यादा वक्त साथ गुजारे। ऎसा करने से आप दोनो के बीच एक आपसी समझ का मजबूत रिश्ता कायम होगा। बेवफाई के बाद गंभीर रूप से घायल रिश्तो को दुबारा बनाने के लिए प्यार की नीव रखना बहुत जरूरी है।
4. उन कारणे का भी पता लगाने का प्रयत्न करे जिसने आपके साथी को बेवफाई करने के लिए प्रेरित किया था, उन बातो पर ध्यान दे और कमियो को पूरा करने का प्रयत्न करे
5. आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि यह दर्द भावनाओ से जु़डा हुआ है जिसे भूलने के प्रयास मे काफी समय लग सकता है, कितना समय लगेगा यह नही कहा जा सकता है। इन निर्देशो का पूरी ईमानदारी से पालन करने के बाद भी हो सकता है आपके साथी में अब भी आपके प्रति अविश्वास रह जाए, हो सकता है आपकी बेवफाई की चोट से घायल साथी अब भी खुद को असुरक्षित महसूस करे, घबराए नही बस आप अपने व्यवहार में प्यार, वफादारी, धैर्य और एक दूसरे के लिए समर्पण की भावना को बनाए रखिए , ये आपको अपने साथी को गमों के तूफान से बाहर लाने तथा अपने रिश्तो को पुन: प्यार की पटरी पर लाने में आपकी मदद करेगा। यदि आप दोनो ये मानते है कि बेवफाई के बाद भी सबकुछ भूलकर आप अपने रिश्तो की नैया को दुखो के सागर मे डूबने से बचा सकते है तो प्यार और विश्वास ही इसे बचा सकने वाली दो पतवारो का काम कर सकती है।