निर्देशक: सुपर्ण वर्मा
संगीत: समीर टंडन, मानसी स्कॉट, गौरव दासगुप्ता, बप्पा लाहिरी, रंजीत बारोट
कलाकार: डिनो मोरिया, दिया मिर्जा, फरदीन खान, इरफान खान, आफताब शिवदासानी, डैनी, मनोज बाजपेयी
निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता स्टाइलिश और एक्शन फिल्म बनाने के लिए जाने जाते है। उनकी ताजा फिल्म "एसिड फैक्ट्री" का हालांकि उन्होंने निर्देशन नहीं किया है, लेकिन उनकी छाप फिल्म पर नजर आ रही है। निर्देशक सुपर्ण वर्मा की फिल्म "एसिड फैक्ट्री" की कहानी याददाश्त पर आधारित है। याददाश्त ही हमारी भावनाओं का स्त्रोत है। अपराध का भी यह स्त्रोत है। सोचिए कि एक हत्यारा उस सुबह कैसा महसूस करेगा, जब उसकी याददाश्त चली जाए। क्या वह अपराध करना जारी रखेगा। या एक मासूम व्यक्ति की याददाश्त चली जाए और उसे बताया जाए कि वह हत्यारा है, तो क्या वह वैसा ही व्यवहार करेगा। याददाश्त चले जाने से व्यक्तित्व बदल सकता है। "एसिड फैक्ट्री" उन लोगों की कहानी है, जिनकी याददाश्त उनसे छिन ली गई है। उन्हें ऎसा लग रहा है जैसे वे लंबी नींद से जागे हो। वे अपनी वास्तविकता को तलाश रहे है, जो सिर्फ उनके दिमाग की उपज है।
Friday, October 9, 2009
वास्तविकता की तलाश:एसिड फैक्ट्री
Thursday, August 27, 2009
हास्य से भरपूर "डैडी कूल"
निर्देशक: के मुरली मोहन राव
कलाकार: सुनील शेट्टी, आरती छाबडिया, आशीष चौघरी, ट्यूलिप जोशी, आफताब शिवदासानी, जावेद जाफरी, किम शर्मा, सोफिया चौघरी, राजपाल यादव, चंकी पांडे, सुहासिनी मुल्ले, प्रेम चोपडा, वृजेश हीरजी, शरद सक्सेना।
निर्देशक के मुरली मोहन राव की फिल्म "डैडी कूल" में स्टीवन लैजारस(सुनील शेट्टी) लेखक बनना चाहता है, और अपने पिताजी को उसी शैली में विदा करना चाहता है। वह अपने पिता की शान में कसीदा पढ श्रद्धांजलि देना चाहता है। परिवार के गुणगान करना चाहता है। उसकी सारी तैयारियां उस समय गडबडा जाती है, जब अंतिम यात्रा के लिए ताबूत बनाने वाले ने उसके पिता की जगह किसी और का शव भेज दिया। ट्रेजेडी अचानक कॉमेडी में बदल जाती है। इस अंत्येष्टि में कई किरदार इकठ्ठा है, और हर किरदार की अपनी कहानी है। स्टीवन का छोटा ब्रायन(आशीष चौघरी)की कमाई कम है, और वह अपनी मां को नही रखना चाहता है। उसका कहना है कि इस कमाई में वह अपनी मां और उनके कुत्तों को नही पाल सकता।
स्टीवन की पत्नी नैसी(आरती छाबडिया)अपनी सास (सुहासिनी मुल्ले)के साथ नही रहना चाहती है, और ससुराल की प्रॉपर्टी एक एजेंट पिंटो(विजय पाटकर)की मदद से बेचना चाहती है। माइकल(आफताब शिवदासानी)मारिया (ट्यूलिप जोशी)को बेहद चाहता है, लेकिन अपने होने वाले ससुर से मिलने में घबराता है। मारिया का जिम (वृजेश हीरजी) भी मरता है, और इस दु:खद मौके पर भी वह मारिया को प्रभावित करने की यथासंभव कोशिश करता है।
जेनी (किम शर्मा)को अपने पति कार्लोस(जावेद जाफरी)पर शक है, कि उसका हॉट मॉडल आयशा (सोफी चौघरी)से अफेयर है। ब्लैकमेलर एंड्रयू (राजपाल यादव)मृत लैजारस(शरत सक्सेना)के कुछ राज जानता है, और उसके जरिये पैसा कमाना चाहता है। इन सारे पात्रों के जरिये हास्य से भरी कई परिस्थितियां अन्त्येष्टि के दौरान पैदा होती है।