Sunday, July 12, 2009

"मार्निग वाक" बोरिंग

Morning Walk

निर्देशक व लेखक अरूप दत्ता की फिल्म "मार्निग वॉक" बीते हुए प्यार की कहानी है। प्रोफेसर जॉय मोहन(अनुपम खेर)का बेटा, बहू और पोती मुंबई में जाकर रहने लगते है। जबकि प्रोफेसर साहब कोलकाता मे रहते है, उनकी पत्नी पहले ही मर चुकी थी। अचानक एक दिन प्रोफेसर को हार्ट अटैक आता है और वो अपने बेटे के पास मुंबई आ जाते है। वहां उनकी पोती गार्गी(अविका गौर)रहती है, जिसके साथ वह खुश रहने लगते है।

मुंबई से ही शुरू होती है घर परिवार की कहानी। यहां प्रोफेसर की मुलाकात पूर्व अघ्यापिका नीलिमा(शर्मिला टैगोर) से होती है। जिसे वो कभी प्यार करते थे। नीलिमा भारत में अपनी बेटी अंजलि (नरगिस)के साथ रहती है। अंजलि भी यूएस जाकर पीएचडी करना चाहती है, लेकिन स्कॉलरशिप न मिल पाने के कारण वह नही जा पाती है। एक दिन जॉय मोहन मार्निग वाक पर जाते है जहां उनकी मुलाकात नीलिमा की बेटी अंजलि से होती है। जॉय को पता चलता है कि अंजलि उसके प्यार नीलिमा की बेटी है। जॉय बेटी अंजलि की यूएस जाने में मदद करता है। फिल्म के अन्य कलाकारों में गार्गी(अम्बिका गौर) प्रोफेसर की पोती का किरदार ठीक से नही निभा पाती है। वह पोती अदाकारा ज्यादा लगी है। फिल्म की कहानी पिछली यादों में खोई रहती है। कुछ पता नही चल पाता है कि फिल्म कब वर्तमान में है। कहानी घिसी-पिटी है। इसे देखकर यह कहना गलत नही होगा कि एक घंटे की कहानी को बढा-चढा कर जबरदस्ती खीचा गया है। गाना का समावेश ठीक ढंग से नही हुआ है। कुल मिलाकर फिल्म बोरिंग है।

No comments:

Post a Comment